क्रय खाता से क्या मतलब है purchase account kya hota hai
- सरल शब्दों में व्यवसाय करने के लिए माल खरीदना क्रय कहलाता है।
- खरीद एक वित्तीय संचालन है जहां व्यवसाय के लिए वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान किया जाता है।
- खरीद गतिविधि आम तौर पर एक औपचारिक प्रक्रिया है।
- एक खरीद नियमित रूप से दो व्यक्तियों और निगमों द्वारा किया जाता है।
- इस वित्तीय लेन-देन का उद्देश्य भौतिक, बौद्धिक, आभासी या किसी अन्य संपत्ति के स्वामित्व को स्थानांतरित करना है।
- जब लेन-देन शुरू किया जाता है तब भी आम तौर पर स्वामित्व हस्तांतरित होता है, भले ही बाद में भविष्य में कुछ तारीख तक वस्तु या सेवा के लिए नकद भुगतान न करें।
- बड़ी खरीद की तुलना में छोटी खरीददारी अधिक आम है। जिससे उन्हें कम विश्लेषण और विचार की आवश्यकता होती है।
Purchases दो प्रकार की होती है :-
- नकद क्रय (Cash Purchases):- जब माल खरीदते समय ही माल की राशि का भुगतान कर दिया जाता है, तो उसे नकद क्रय कहते हैं।
- उधार क्रय (Credit Purchases) :- जब माल खरीदने के कुछ समय बाद या निर्धारित समय के बाद माल की राशि का भुगतान किया जाता है, तो उसे उधार क्रय कहते हैं।
नकद या उधार क्रय की पहचान
अकाउण्ट वर्क में यह सबसे खास है यह पता लगाना कि ये क्रय उधार है या नकद इसके दो नियम हैं :-
- जब माल बेचने वाले का नाम हो और यह नहीं दिया गया हो कि नकद खरीदा गया तो उधार क्रय समझा जाएगा।
- जब माल बेचने वाले का नाम न दिया गया हो तो नकद क्रय समझा जाएगा।
इन नियमों को हम कुछ उदाहरण से समझने की कोशिश करेंगे:-
- 4000 रूपये का माल नकद खरीदा:- इसमें माल बेचने वाले का नाम नहीं दिया गया है लेकिन नकद दिया गया है इसलिए नकद क्रय ही माना जाएगा।
- 4000 रूपये का माल खरीदा- इसमें माल बेचने वाले का नाम नहीं दिया गया है न ही उधार या नकद दिया गया है, इसलिए नकद क्रय माना जाएगा।
- तल्हा को 4000 रूपये का माल खरीदा:- इसमे बेचने वाले का नाम दिया गया है और नकद या उधार दोनों नहीं दिये हैं, इसलिए उधार क्रय माना जाएगा।
- तल्हा को 4000 रूपये का माल खरीदा और नकद प्राप्त किया:- इसमें माल बेचने वाले का नाम दिया है साथ ही नकद का भी लिखा गया है इसलिए नकद क्रय माना जाएगा।
- तल्हा को 4000 रूपये का माल उधार खरीदा:- इसमें माल बेचने वाले वाले का नाम और उधार दोनों दिया गया है इसलिए उधार क्रय माना जाएगा।
- तल्हा को 4000 रूपये का माल नकद खरीदा:- इसमें माल बेचने वाले का नाम और नकद दोनों दिया है इसलिए नकद क्रय माना जाएगा।