दोस्तों, आज हम बात करने वाले हैं मजदूरी भुगतान की प्रविष्टि Wages paid journal entry के बारे में।
मजदूरी क्या है what is Wages
- जैसा कि आप जानते हैं कि बिजनेस में वस्तुओं या सेवाओं का लेनदेन करते हैं।
- हम जिस वस्तु का लेनदेन करते हैं उसे बेचने से पहले खरीदना पड़ता है।
- जब हम उस वस्तु को खरीदते हैं तो खरीद के स्थान से हमारी दुकान या ऑफिस तक उसे लाने के लिए हमे मजदूरों को कुछ भुगतान करना पड़ता है।
- मजदूरों को उनके कार्य के लिए किये गये भुगतान को मजदूरी कहते हैं।
- मजदूरी को ज्यादातर नगद ही भुगतान करना होता है।
- मजदूरी हमारे बिजने के लिए प्रत्यक्ष व्यय है जिसे हम हमारे माल की लागत मे शामिल करते हैं।
- अगर प्रविष्टि में नकद या बैंक शब्द नहीं दिया हो तो मजूदरी को नकद ही मानेंगे।
- Wages को Direct Expenses ग्रुप में शामिल किया जाता है।
मजदूरी भुगतान की प्रविष्टि कैसे करें Wages paid journal entry
यहां यहां दो खाते निकलेंगे Wages और Cash
मजदूरी चुकाई 1,000 रूपये।
| खाता | खाते का प्रकार | खाते का नियम | Dr./Cr. |
| Wages Account | Nominal Account | खर्चे व हानि को डेबिट और आय व लाभ को क्रेडिट | Dr |
| Cash | Real Account | जो वस्तु व्यापार में आ रही है उसे डेबिट करेंगे और जो वस्तु व्यापार से जा रही है उसे क्रेडिट करेंगे। | Cr |
प्रविष्टि Journal Entry
| Wages Account Dr | 1,000 | ||
| To Cash | 1,000 | ||
| (Wages paid) |